मुंबई -
रूहानी दृष्टि को समझाते हुए बोल रही थी “ नेपोटिज्म कितना ही आगे क्यों ना हो, टैलेंट की कदर होती है। दृष्टि, अगर तेरी आवाज़ अच्छी नहीं होती तो वो तुझे कौन सी सिंगिंग की दुनिया में कदम रखने देता? कौन सुनता तेरे गाने को, अगर आवाज़ ही अच्छी ना होती? अगर स्क्रिप्ट अच्छी ना होती, अच्छे से लिखी ना गई होती, तो कौन मूवी बनाता उस पर ? कोई नहीं। इसलिए ये मत सोच कि सब कुछ रिक्तम ने किया है। तेरी मेहनत और तेरा टैलेंट लगा है इस चीज़ में, तब जाकर तू आगे बढ़ी है।







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