मुंबई
रूशाली ने खुद को जैसे-तैसे नॉर्मल किया और ड्राइवर को गाड़ी स्टार्ट करने को कहा, पर वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। अगर दृष्टि उनकी बेटी साबित ना होती तो अगला नंबर रूहानी का ही आता। रूहानी से हमेशा अनोखा लगाव महसूस होता था, पर वो रूहानी को इतना जानती नहीं थी।







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