मुंबई -
दृष्टि ने रिक्तम की तरफ अपना हाथ बढ़ाया, तो रिक्तम ने सहारा देकर उसे खड़ा किया और दृष्टि ने उसे कस के गले लगा लिया। वो भी उसे गले लगाकर खड़ा हो गया और दृष्टि वैसे ही बोली — “पूरी तरहां छूना प्यार नहीं होता, पर छूने में भी प्यार होता है और आई नीड योर लव।”







Write a comment ...