मुंबई -
बांद्रा के एक अपार्टमेंट के उस फ्लैट में ईरांशी अपने दोनों हाथ बंधे, सर नीचे झुकाए खड़ी थी, और सामने ईशान खड़ा था। वो बार-बार आंखें उठाकर उसे देखती फिर आंखें झुका लेती और ईशान ने परेशान होकर कहा, “कौन थी वो? किसे मम्मा बन कर लेकर गई थी स्कूल में ?”







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