
हैदराबाद -
मानी उस पूरे दिन कमरे से बाहर नहीं आई थी । वो पूरे दिन कमरे में थी , गुस्सा भी आ रहा था और न जाने क्यों रोना भी आ रहा था , यामी से बात करने के बाद अब टेंशन भी हो रही थी । वो पूरे दिन अपने कमरे में थी और शाम को जाकर जीवन ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया था , मानी अंदर से ही बोली “ कौन है ? ” और बाहर से जीवन की आवाज आई थी “ मैं हूं जीवन । अभंग सर आ गए हैं , उन्होंने आपको बुलाया है ”








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