
मुंबई -
महेश जी की बातों के सामने मानी कुछ भी नहीं बोल पाई , उसने सिर झुका लिया हां , ये सच था !!! उसे रोना इसलिए नहीं आ रहा था कि अभंग गुंडा है या फिर उसने अभंग को गन चलाते देखा या फिर अभंग इल्लीगल काम करता है ! उसे रोना आ रहा था क्योंकि उसे लग रहा था कि अभंग ने उसके साथ अच्छा होने का नाटक किया है , उसका इस्तेमाल किया है , !!!!








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