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Manyata Abhang Trihal

मुंबई -

सब लोग ऐसे ही बातें करते हुए खाना खत्म कर रहे थे इतने में संजय ने वहां आते हुए कहा “ अभंग चलना नहीं है ? हमें जल्दी निकलना पड़ेगा , तब जाकर हम रात तक हैदराबाद पहुंचेंगे ! वैसे भी बाय रोड जाना है ट्रैफिक भी मिलेगा , जल्दी करना पड़ेगा ” अभंग ने हां में सिर हिलाया और संजय जी ने महेश जी को आवाज़ लगाई ।

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