
हैदराबाद - त्रिहाल मेंशन ,
आशी ने अभंग का हाथ पकड़ते हुए कहा “ देखो मेरी बात सुनो , मेरे जीजा जी का नाम है इतना , चलो तो मेरे साथ , और मिलों सबसे मेरे नाम वाले जिज्जा ” वो अभंग का हाथ पकड़ कर उसे खींचते हुए वहां से ले गई । अभंग ने बेचारगी से पलट कर मानी की तरफ देखा जैसे कह रहा हो “ रोको ना इसे ”








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