
कोलकाता
शिद्दत ने गाड़ी में रिशान को लाकर बैठाया, पर उससे कुछ कहा नहीं। वो गुस्से में लग रही थी, पर रिशान ने भी उससे कोई बात नहीं की। वो पूरे रास्ते खिड़की से बाहर देखता रहा चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। आंखों में आंसू थे, पर वो रो भी रहा था तो बिना आवाज।










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