
मुंबई हॉस्पिटल में -
काफी देर बाद शिद्दत ने बहुत समझा-बूझकर उसे मना कर, उसे घर भेजने के लिए मनाया था। वो मान भी गया था, पर फिर न जाने क्या हुआ कि उसने साफ मना कर दिया, ये कहकर कि वो शिद्दत के पास ही रुकेगा जब तक शिद्दत हॉस्पिटल में रहेगी। अब शिद्दत को उसे यहां से भेजना सही भी नहीं लगा , भले ही वो एक बच्चे को जन्म दे चुकी थी पर अपने बेटे के आंसुओं उसे आज भी बर्दाश्त नहीं थे।










Write a comment ...