
मुंबई, बेदी विला -
दक्ष की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। श्रव्या का चेहरा उसके चेहरे के बहुत करीब था। श्रव्या के हाथ उसके गर्दन पर थे। एक नजर दक्ष ने उसके दोनों हाथों को देखा। श्रव्या वैसे ही बोली, “करो प्यार।” श्रव्या उसके चेहरे के बेहद करीब थी, जैसे उसे किस करना चाहती हो। और दक्ष ने उसके हाथों को अपने गले से हटाने की कोशिश करते हुए कहा, “ये क्या हरकत है? प्यार ये होता है क्या?”










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