
राजस्थान, अंबर -
अंशुमन ने साधिका की तरफ देखा, तो साधिका इस बार हल्का सा मुस्कुराई, फिर अपने चेहरे के एक्सप्रेशंस को शांत करते हुए बोली, “आपका पास्ट क्या था, मुझे नहीं पता, कितना बड़ा था मुझे नहीं पता, कितनी लड़कियां थी नहीं पता, क्यों थी नहीं पता। सच फिलहाल इतना है कि आपने वो सब कुछ मेरे सामने खोल कर रखा, इसलिए रखा है कि मैं आगे जाकर इन सब की वजह से परेशान ना होऊं,











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