
मुंबई, हॉस्पिटल में -
रिक्तम रोते हुए तकलीफ के साथ बोला "मैंने ये सब कुछ इसलिए नहीं किया था... मैं ….. ” वो बोल नहीं पाया , उसने एकदम से दृष्टि को गले लगा लिया और वो बस उसे गले लगाए रही , उसने रिक्तम के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा "जानती हूँ, तुमने अपने बच्चों के लिए ये सब कुछ किया है और अपने बच्चों के लिए ही अब उनके प्यार को उन्हें लौटा दो।










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