
मुंबई हॉस्पिटल में -
ईशान ने दृष्टि को ऐसे रिक्तम को कॉल करते देखा तो तुरंत बोला, "आंटी प्लीज, आप रहने दीजिए। मैं…मैं बस जा ही रहा हूँ, आप रिक्तम सर को कुछ भी मत बताइएगा। इनफैक्ट, मैं तो खुद भी यहां नहीं आना चाहता था, पर पता नहीं दिल में कौन सा ख्याल आ गया कि मैं एक बार रियांशी को बता दूं कि वो बुरी नहीं है, बस हालात ये नहीं हैं कि मैं उससे शादी कर लूं और मैं..."










Write a comment ...