
मुंबई सिंघानिया मेंशन -
इष्ठा ने बड़े खुश होने वाले अंदाज में अपने दोनों हाथों को मिलाकर कहा " कशिव की कंपनी में दो लोग इन्हें धोखा दे रहे थे, कहने को तो उनके वफादार थे, पर एक दूसरे के साथ मिलकर इन्हें चीट कर रहे थे। और ये? ये बिना उनकी वफादारी के भी उन्हें कुत्ते की तरह पाल रहे हैं। अब देखिए ना, मेरे जैसा इंसान तो ये जरा बर्दाश्त ना करे कि धोखा मिलने के बाद भी उन्हें पाले,










Write a comment ...